उत्तर प्रदेश में बीएलओ को दोगुना मानदेय: एसआईआर कार्य के लिए बड़ा निर्णय

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान काम कर रहे बूथ लेवल अधिकारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार को भेजे गए नए प्रस्ताव के अनुसार अब बीएलओ को हर महीने मिलने वाला मानदेय दोगुना हो जाएगा। पहले जहां उन्हें 500 रुपये प्रति माह दिए जाते थे, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 1000 रुपये किए जाने की तैयारी है। इसी तरह वार्षिक मानदेय जिसे अब तक 6000 रुपये दिया जा रहा था, उसे भी बढ़ाकर 12,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा यह प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और जल्द ही इसकी औपचारिक स्वीकृति की उम्मीद है।

राज्य में मतदाता सूची के सही और समयबद्ध पुनरीक्षण के लिए बीएलओ सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर घर जाकर मतदाता विवरण की पुष्टि, नए मतदाताओं को जोड़ना, पुरानी प्रविष्टियों को अपडेट करना और दस्तावेजों की जांच जैसे कार्य इन्हीं के जिम्मे होते हैं। ऐसे में इनकी जिम्मेदारी को देखते हुए मानदेय बढ़ाने की प्रक्रिया न केवल उत्साहवर्धक है, बल्कि प्रशासनिक दृष्टि से भी आवश्यक कदम है। बीएलओ को पर्याप्त आर्थिक सहयोग मिलने से वे पुनरीक्षण कार्य पर अधिक फोकस कर पाएंगे, जिससे वोटर लिस्ट की गुणवत्ता और सटीकता दोनों में सुधार होगा।

उत्तर प्रदेश में बीएलओ को दोगुना मानदेय: एसआईआर कार्य के लिए बड़ा निर्णय
उत्तर प्रदेश में बीएलओ को दोगुना मानदेय: एसआईआर कार्य के लिए बड़ा निर्णय

एसआईआर के दौरान मिलने वाला विशेष भत्ता

मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान लगने वाली अतिरिक्त मेहनत को ध्यान में रखकर बीएलओ सहित अन्य अधिकारियों के लिए विशेष भत्ते की भी व्यवस्था की जा रही है। यह भत्ता श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित होगा, जिसकी शुरुआत लगभग दो हजार रुपये से मानी जा रही है। यह राशि एकमुश्त दी जाएगी ताकि अधिकारी बिना किसी प्रशासनिक बोझ के अपना कार्य सुचारू रूप से पूरा कर सकें। एसआईआर के दौरान अधिक क्षेत्र कवरेज, दस्तावेज़ सत्यापन और घर-घर सत्यापन जैसे कार्यों में अधिक समय और प्रयास लगता है, इसलिए यह अतिरिक्त मानदेय उनके लिए उपयोगी साबित होगा।

राज्य भर में 1.62 लाख बीएलओ एसआईआर कार्य में तैनात

उत्तर प्रदेश में इस समय करीब 1.62 लाख बीएलओ पुनरीक्षण कार्य में लगे हुए हैं। इतनी बड़ी टीम के माध्यम से राज्य के हर मतदान केंद्र और हर क्षेत्र में मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। इस पूरे कार्य को समय पर और सटीक रूप से पूरा कर पाना तभी संभव है जब बीएलओ को उचित संसाधन और मानदेय मिले। दोगुने मानदेय का यह फैसला निश्चित रूप से उनके काम में ऊर्जा और उत्साह जोड़ने वाला है। सरकार का उद्देश्य है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया समय से पहले पूरी हो और सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।

बीएलओ की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है

बीएलओ को चुनाव प्रणाली का ऐसा कर्मचारी माना जाता है जो घर-घर जाकर मतदाता की पहचान और उसकी जानकारी को सत्यापित करता है। यह कार्य उच्च स्तर के विश्वास और जिम्मेदारी से जुड़ा होता है। मतदाता सूची की त्रुटियां सीधे चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए बीएलओ द्वारा की गई हर प्रविष्टि अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उनके काम की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्हें दिया जाने वाला मानदेय उनके कार्यभार के अनुरूप होना चाहिए। मानदेय में बढ़ोत्तरी का यह फैसला इस दिशा में बड़ा सुधार माना जा रहा है।

एसआईआर कार्य क्या है और यह क्यों जरूरी है

एसआईआर यानी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट किया जाता है। जिन लोगों ने नया निवास प्राप्त किया है, नए मतदाताओं की आयु पूरी हो चुकी है, या जिनका नाम किसी त्रुटि के कारण सूची में गलत दर्ज हो गया है, उन सभी सूचनाओं को सही कर पुनरीक्षण किया जाता है। इसके अलावा मृत मतदाताओं या डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने का कार्य भी इसमें शामिल है। यह प्रक्रिया हर साल अत्यंत सावधानी और समयबद्ध तरीके से की जाती है ताकि आगामी चुनावों के दौरान किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।

इस निर्णय से होने वाले लाभ

बीएलओ को बढ़ा मानदेय और विशेष भत्ता मिलने से पुनरीक्षण कार्य में तेजी आएगी। वे अधिक सटीकता के साथ अपने कार्यों को पूरा कर पाएंगे। आर्थिक सुरक्षा बढ़ने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ेगी और राज्य की चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता में सुधार होगा। साथ ही सरकार को विश्वास है कि इससे उपलब्धियां समय पर और गुणवत्ता के साथ सामने आएंगी।

बीएलओ और नागरिकों के लिए सुझाव

यदि आप मतदाता सूची से संबंधित किसी कार्य जैसे नाम जोड़ने, सुधार कराने या पता अपडेट कराने के लिए बीएलओ से संपर्क करते हैं, तो दस्तावेज पूरी तरह से तैयार रखें। ऑनलाइन आवेदन के लिए मतदाता सेवा पोर्टल पर जाकर भी जानकारी अपडेट की जा सकती है। यह प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है और किसी भी अतिरिक्त शुल्क की आवश्यकता नहीं होती।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बीएलओ का मानदेय दोगुना करने और एसआईआर के लिए विशेष भत्ता देने का प्रस्ताव चुनाव सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल लाखों बीएलओ को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि मतदाता सूची की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। चुनाव प्रणाली को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए ऐसे निर्णय समय की आवश्यकता हैं।

Leave a Comment