January 2019 - SarkariGoal: Question Answer Forum

Thursday, 31 January 2019

यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं की डेटशीट जारी |UP Board 10th Time Table 2019 - High School and Intermediate

69000 शिक्षक भर्ती: राज्य सरकार ने कोर्ट में कहा, क्वालिटी एजुकेशन के लिए क्वालीफाइंग अंक तय किए

  • सहायक टीचर भर्ती मामले में राज्य सरकार ने जवाब दिया |
  • सामान्य विद्यार्थियों को 65%और आरक्षित के लिए 60% अंक तय  |

सहायक शिक्षकों के 69000 पदों पर भारती मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के समक्ष राज्य सरकार ने मंगलवार को अपना जवाब दाखिल किया सरकार की ओर से लिखित परीक्षा के बाद क्वालीफाइंग मार्क्स तय करने के अपने निर्णय को सही करार देते हुए कहा गया कि उसकी मंशा क्वालिटी एजुकेशन देने की है और इसके लिए क्वालिटी अध्यापकों की आवश्यकता है सरकार का यह भी कहना है 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने करीब 1.37 शिक्षामित्रों की सहायक शिक्षकों के रूप में नियुक्ति को रद्द करते हुए उन्हें दो बार भर्ती में वेटेज देने की जो बात कही है उसका अर्थ यह कतई नहीं है की मेरिट से समझौता किया जाए....
पूरी खबर के लिए इमेज पर क्लिक करें।

डेली जॉब अलर्ट: जूनियर रेजिडेंट ,टीचिंग नॉन टीचिंग ,अकाउंट ऑफिसर

दिल्ली संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में जूनियर रिजल्ट के कुल 72 पदों पर आवेदन मांगे है इन सभी पदों को 1 वर्ष के अनुबंध के आधार पर भरा जाएगा सभी नियुक्तियां वाक इन इंटरव्यू के माध्यम से होगी योग के इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तक तेज पत्ते पर पहुंचकर इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं
Source: Hindusatan

यूपी बोर्ड की परीक्षा हेल्पलाइन 4 फ़रवरी से शुरू होगी | परीक्षा से जुड़े हर समस्या का समाधान किया जायेगा| लिंक पर क्लिक करके पूरी खबर पढ़े

यूपी बोर्ड परीक्षाओं के लिए मंगलवार को हेल्पलाइन घोषित कर दी गई है परीक्षा के दौरान किसी भी तरह समस्या के समाधान के लिए यहां संपर्क कर सकते हैं डीआईओएस कार्यालय व्हेयर कंट्रोल रूम 4 फरवरी शुरू होगा वहीं संयुक्त शिक्षा निदेशालय कार्यालय में यह 6 फरवरी से प्रभावी होगा डीआईओएस डॉ मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि बोर्ड की परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम का और सचल दल बना लिए गए हैं कंट्रोल रूम के नंबर या मेरे नंबर पर परीक्षा से जुड़ी जानकारी या कोई समस्या की जानकारी दी जा सकती है।
up board exam date 2019 class 10th 12th

Sunday, 27 January 2019

Component of a Computer Networking- कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव- Internet kaise Work Karta hai

कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव-
(Component of a computer networking)
कोई कंप्यूटर नेटवर्क आई विभिन्न तत्व तथा अवयव का एलिमेंट होता है।
इनमें से कुछ प्रमुख अवयवों का परिचय नीचे दिया गया है-

1. सर्वर (Server)
यह नेटवर्क का सबसे प्रमुख तथा केंद्रीय कंप्यूटर होता है नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटर सर्वर से जुड़े होते हैं सरवर की क्षमता और गति की दृष्टि से अन्य सभी कंप्यूटरों से श्रेष्ठ होता है प्रायः नेटवर्क कार्यक्रम अथवा समय डाटा सर्वोपरि रखा जाता है

2. नेटवर्क केबल(Network Cable)
जिनके बलों के द्वारा नेटवर्क के कंप्यूटर आपस में जुड़े होते हैं मुझे नेटवर्क केबल कहा जाता है सूचनाएं एक कंप्यूटर से दूसरे नेटवर्क के दूसरे कंप्यूटर तक के बलों से होकर गुजरती है इन को प्रायः बस कहा जाता है

3. (नेटवर्किंग ऑपरेटिंग सिस्टसम )Network operating system
ऐसा सॉफ्टवेयर जो नेटवर्क में एक साथ जुड़े कंप्यूटरों के बीच संबंध स्थापित करता है और उनकी भी सूचना के आवागमन को निबंध नियंत्रित करता है यह सॉफ्टवेयर सरवर में लोड किया जाता है

4. (नेटवर्क कार्ड)Network card
एक ऐसा सर्किट होता है जो नेटवर्क के ब्लॉक को कंप्यूटर से जोड़ता है इन कार्डों की सहायता से डाटा का आवागमन तेजी से होता है यह कार्ड नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक कंप्यूटर के मदर बोर्ड में लगाए जाते हैं इनको इधर नेट भी कहां जाता है

5. प्रोटोकॉल(Protocol)
वह प्रणाली जो संपूर्ण संचार प्रक्रिया में विविध डिवाइसों के मध्य सामंजस्य स्थापित करती है खूब अकाल कहलाती है प्रोटोकॉल की उपस्थिति में ही डाटा तथा सूचनाओं को प्रथक से लेकर प्राप्तकर्ता तक पहुंचाया जाता है कंप्यूटर नेटवर्क का आधार भी पूर्वकाल होता है

6. रिपीटर(Repeater)
रिपीटर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं जो निम्न अस्तर के सिग्नल को प्राप्त करके उन्हें ऊंचा स्तर का बना कर वापस भेजते हैं इस प्रकार सिग्नल लंबी दूरियों को बिना बाधा के तय कर सकते हैं रिपीटर्स का प्रयोग नेटवर्क में कंप्यूटर को एक दूसरे से जोड़ने वाले केवल की लंबाई की बढ़ाने में क्या जाता है

7. हब(Hub)
आप का प्रयोग किस स्थान पर किया जाता है जहां नेटवर्क की सारी केवल मिलती है यह एक प्रकार का रिपीटर होता है जिसमें नेटवर्क चैनलों को जोड़ने के लिए पोरसा के होते हैं आमतौर पर एक हमें 4 8 16 तथा 24 बोर्ड लगे होते हैं एक बड़े हमें करीबन 24 कंप्यूटर को जोड़ा जा सकता है इससे अधिक कंप्यूटर जोड़ने के लिए एकत्रित आप का प्रयोग किया जा सकता है इस प्रक्रिया को दे दी चर्निंग कहते हैं

8. गेटवे(Gateway )
गेटवे कैसी डिवाइस है जिसका प्रयोग दो विभिन्न प्रकार के नेटवर्क प्रोटोकोल को जोड़ने में किया जाता है इन्हें प्रोटोकोल कनवर्टर भी कहते हैं

9. (Switch)
Switch वे हार्ड वेयर होते हैं बुटीक इन कंप्यूटरों को एक लाइन में जोड़ते हैं स्विच को आपका स्थान पर क्यों किया जाता है तथा स्विच के मध्य एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि हम स्वयं तक आने वाले डाटा को अपने प्रत्येक पोर्ट पर भेजता है जबकि स्विच स्वयं तक आने वाली रीटा को केवल के गंतव्य स्थान तक भेजता है

10. राउटर(Router )
राउटर का प्रयोग नेटवर्क में डेटा को कहीं भी भेजने के लिए करते हैं इस प्रक्रिया को राउटिंग करते हैं राउटर एक जंक्शन की तरह कार्य करते हैं परी नेटवर्क में एक से अधिक रूट होती है जिनके जरिए सूचनाएं अपने गंतव्य आस्थान तक पहुंच सकती हैं ऐसे में राउटर यह तय करते हैं किसी सूचना को किस रास्ते उसके गंतव्य तक पहुंचना है

11. राउटर स्विच(Router Switch)
ऐसा स्विच जिनमें राउटर जैसी विशेषताएं होती हैं राफ्टिंग से चलाते हैं रूफिंग शीट्स नेटवर्क के किसी भी कंप्यूटर तक भेजी जाने वाली सूचनाओं को पहचान कर उन्हें रास्ता दिखाते हैं

12. ब्रिज(Bridge )
बहुत छोटे नेटवर्क को आपस में जोड़ने का काम आते हैं ताकि आपस में जोड़कर एक बड़े नेटवर्क की तरह काम कर सके ब्रिज एक बड़े या व्यस्त नेटवर्क को छोटे हिस्से में बांटने का भी कार्य करता है

13.मॉडेम (Modem)
मॉडेम Analog सिग्नल को डिजिटल सिगनल्स मे तथा डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिग्नस में बदलता है एक मैडम को हमेशा एक टेलीफोन लाइन तथा कंप्यूटर के मध्य लगाया जाता है डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को माड्यूलेशन तथा एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को डेमाड्यूलेशन कहते हैं

14. नॉड (Node)
सर्वर के अलावा नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटरों को नोट कहा जाता है कि वे कंप्यूटर होते हैं जिन पर उपयोगकर्ता कार्य करते हैं प्रत्येक नोट का एक निश्चित नाम और पहचान होता है कहीं लोड अधिक शक्तिशाली होते हैं ऐसे नोटों को पराया वर्क स्टेशन कहां जाता है नोटों को प्रायः क्लाइंट भी कहा जाता है 

कम्प्यूटर नेटवर्क के अवयव-

(Component of a computer networking)
कोई कंप्यूटर नेटवर्क आई विभिन्न तत्व तथा अवयव का एलिमेंट होता है।
इनमें से कुछ प्रमुख अवयवों का परिचय नीचे दिया गया है-

1. सर्वर (Server)
यह नेटवर्क का सबसे प्रमुख तथा केंद्रीय कंप्यूटर होता है नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटर सर्वर से जुड़े होते हैं सरवर की क्षमता और गति की दृष्टि से अन्य सभी कंप्यूटरों से श्रेष्ठ होता है प्रायः नेटवर्क कार्यक्रम अथवा समय डाटा सर्वोपरि रखा जाता है

2. नेटवर्क केबल(Network Cable)
जिनके बलों के द्वारा नेटवर्क के कंप्यूटर आपस में जुड़े होते हैं मुझे नेटवर्क केबल कहा जाता है सूचनाएं एक कंप्यूटर से दूसरे नेटवर्क के दूसरे कंप्यूटर तक के बलों से होकर गुजरती है इन को प्रायः बस कहा जाता है

3. (नेटवर्किंग ऑपरेटिंग सिस्टसम )Network operating system
ऐसा सॉफ्टवेयर जो नेटवर्क में एक साथ जुड़े कंप्यूटरों के बीच संबंध स्थापित करता है और उनकी भी सूचना के आवागमन को निबंध नियंत्रित करता है यह सॉफ्टवेयर सरवर में लोड किया जाता है

4. (नेटवर्क कार्ड)Network card
एक ऐसा सर्किट होता है जो नेटवर्क के ब्लॉक को कंप्यूटर से जोड़ता है इन कार्डों की सहायता से डाटा का आवागमन तेजी से होता है यह कार्ड नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक कंप्यूटर के मदर बोर्ड में लगाए जाते हैं इनको इधर नेट भी कहां जाता है

5. प्रोटोकॉल(Protocol)
वह प्रणाली जो संपूर्ण संचार प्रक्रिया में विविध डिवाइसों के मध्य सामंजस्य स्थापित करती है खूब अकाल कहलाती है प्रोटोकॉल की उपस्थिति में ही डाटा तथा सूचनाओं को प्रथक से लेकर प्राप्तकर्ता तक पहुंचाया जाता है कंप्यूटर नेटवर्क का आधार भी पूर्वकाल होता है

6. रिपीटर(Repeater)
रिपीटर ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होते हैं जो निम्न अस्तर के सिग्नल को प्राप्त करके उन्हें ऊंचा स्तर का बना कर वापस भेजते हैं इस प्रकार सिग्नल लंबी दूरियों को बिना बाधा के तय कर सकते हैं रिपीटर्स का प्रयोग नेटवर्क में कंप्यूटर को एक दूसरे से जोड़ने वाले केवल की लंबाई की बढ़ाने में क्या जाता है

7. हब(Hub)
आप का प्रयोग किस स्थान पर किया जाता है जहां नेटवर्क की सारी केवल मिलती है यह एक प्रकार का रिपीटर होता है जिसमें नेटवर्क चैनलों को जोड़ने के लिए पोरसा के होते हैं आमतौर पर एक हमें 4 8 16 तथा 24 बोर्ड लगे होते हैं एक बड़े हमें करीबन 24 कंप्यूटर को जोड़ा जा सकता है इससे अधिक कंप्यूटर जोड़ने के लिए एकत्रित आप का प्रयोग किया जा सकता है इस प्रक्रिया को दे दी चर्निंग कहते हैं

8. गेटवे(Gateway )
गेटवे कैसी डिवाइस है जिसका प्रयोग दो विभिन्न प्रकार के नेटवर्क प्रोटोकोल को जोड़ने में किया जाता है इन्हें प्रोटोकोल कनवर्टर भी कहते हैं

9. (Switch)
Switch वे हार्ड वेयर होते हैं बुटीक इन कंप्यूटरों को एक लाइन में जोड़ते हैं स्विच को आपका स्थान पर क्यों किया जाता है तथा स्विच के मध्य एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि हम स्वयं तक आने वाले डाटा को अपने प्रत्येक पोर्ट पर भेजता है जबकि स्विच स्वयं तक आने वाली रीटा को केवल के गंतव्य स्थान तक भेजता है

10. राउटर(Router )
राउटर का प्रयोग नेटवर्क में डेटा को कहीं भी भेजने के लिए करते हैं इस प्रक्रिया को राउटिंग करते हैं राउटर एक जंक्शन की तरह कार्य करते हैं परी नेटवर्क में एक से अधिक रूट होती है जिनके जरिए सूचनाएं अपने गंतव्य आस्थान तक पहुंच सकती हैं ऐसे में राउटर यह तय करते हैं किसी सूचना को किस रास्ते उसके गंतव्य तक पहुंचना है

11. राउटर स्विच(Router Switch)
ऐसा स्विच जिनमें राउटर जैसी विशेषताएं होती हैं राफ्टिंग से चलाते हैं रूफिंग शीट्स नेटवर्क के किसी भी कंप्यूटर तक भेजी जाने वाली सूचनाओं को पहचान कर उन्हें रास्ता दिखाते हैं

12. ब्रिज(Bridge )
बहुत छोटे नेटवर्क को आपस में जोड़ने का काम आते हैं ताकि आपस में जोड़कर एक बड़े नेटवर्क की तरह काम कर सके ब्रिज एक बड़े या व्यस्त नेटवर्क को छोटे हिस्से में बांटने का भी कार्य करता है

13.मॉडेम (Modem)
मॉडेम Analog सिग्नल को डिजिटल सिगनल्स मे तथा डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिग्नस में बदलता है एक मैडम को हमेशा एक टेलीफोन लाइन तथा कंप्यूटर के मध्य लगाया जाता है डिजिटल सिगनल स्कोर एनालॉग सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को माड्यूलेशन तथा एनालॉग सिग्नल को डिजिटल सिगनल में बदलने की प्रक्रिया को डेमाड्यूलेशन कहते हैं

14. नॉड (Node)
सर्वर के अलावा नेटवर्क के अन्य सभी कंप्यूटरों को नोट कहा जाता है कि वे कंप्यूटर होते हैं जिन पर उपयोगकर्ता कार्य करते हैं प्रत्येक नोट का एक निश्चित नाम और पहचान होता है कहीं लोड अधिक शक्तिशाली होते हैं ऐसे नोटों को पराया वर्क स्टेशन कहां जाता है नोटों को प्रायः क्लाइंट भी कहा जाता है 

कंप्यूटर क्या है? (What Is computer) - Computer का use और इसका कार्य (work )

कंप्यूटर क्या है?
(What Is computer)

अक्सर लोग सोचते हैं की कंप्यूटर एक सर्वशक्तिमान सुपरमैन की तरह है पर वैसा नहीं है यह केवल एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो तीव्र गति से कार्य करता है और कोई गलती नहीं करता है इसकी क्षमता सीमित है या अंग्रेजी शब्द (compute ) से बना है जिसका अर्थ गणना करना है हिंदी मैं इसे संगणक कहते हैं इसका उपयोग बहुत सारे सूचनाओं को प्रोसेस करने का तथा इकट्ठा करने के लिए होता है।

कंप्यूटर के यंत्र है जो डाटा ग्रहण करता है वैसे सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम के अनुसार किसी परिणाम के लिए प्रोसेस करता है कंप्यूटर पर कृत्रिम बुद्धि की संज्ञा दी गई है इसकी स्मरण शक्ति मनुष्य की तुलना उच्च होती है

कंप्यूटर संबंधी प्रारंभिक शब्द-
(Elementry words relating to computer )

1. डाटा (Data)
अव्यवस्थित आंकड़ा तथा तथ्य है यह प्रोसेस करने की पहली की अवस्था है साधारण का डाटा को दो भागों में विभाजित करते हैं
2. संख्यात्मक डाटा न्यूमेरिकल डाटा(Numerical data )
इस तरह जटा में 0 से 9 तक के अंको का प्रयोग किया जाता है जिससे कर्मचारियों का वेतन परीक्षा में प्रथम जनगणना रोल नंबर अंकगणित की संख्या etc
3. Alphanumeric data-
इस तरह के डाटा में अंको , अक्षरों तथा चिन्हो का प्रयोग किया जाता है
जैसे-पता आदि
3 . सूचना इंफॉर्मेशन-
यह अव्यवस्थित डाटा का प्रोसेस करने के बाद परिणाम है जो व्यवस्थित होता है

कंप्यूटर की विशेषताएं-
(Characteristics of computer)

यदि तीव्र गति से कार्य करता है अर्थात समय की बचत होती है
यह त्रुटि रहित कार्य करता है
यह स्थाई तथा विशाल भंडारण की क्षमता का सुविधा देता है
यह पूर्व निर्धारित निर्देशों के अनुसार तीव्र निर्णय लेने में सक्षम है

कंप्यूटर का उपयोग-
Uses of computer-
शिक्षा एजुकेशन के क्षेत्र में
वैज्ञानिक अनुसंधान में
रेलवे तथा वायुयान आरक्षण में
बैंक में
Medical science
डिफेंस
पब्लिकेशन
व्यापार
संचार
प्रशासन
मनोरंजन

    कंप्यूटर के कार्य-
    (Uses of computer)
    • Data collection
    • Data storage
    • Data Processing
    • Data output
    Data processing electronic data processing-

    कंप्यूटर के निर्माण से पहले निश्चित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डाटा का संकलन संचयन संसाधन और निर्गमन मैनुअल मेथड से होता है जिसे डाटा प्रोसेसिंग रहते हैं जैसे टेक्नोलॉजी का विकास हुआ इन सभी कार्यों के लिए कंप्यूटर का उपयोग गोरिल्ला इस इलेक्ट्रॉनिक डाटा प्रोसेसिंग कहते हैं
    Data processing का मुख्य रॉक डाटा सुव्यवस्थित डाटा प्राप्त करना है इसका उपयोग नोएडा की यह होता है
    कंप्यूटर सिस्टम(computer system ) - 
    यह उपकरणों का एक समूह है जो एक साथ मिलकर डाटा प्रोसेस करते हैं कंप्यूटर सिस्टम में अनेक इकाई होती हैं जिनका इलेक्ट्रॉनिक डाटा प्रोसेसिंग में होता है बुनियादी कंप्यूटर प्रोसेसिंग चक्र में इनपुट प्रोसेसिंग और आउटपुट शामिल होते हैं
    1. इनपुट यूनिट -
    वैश्विक आई जो यूजर डाटा प्राप्त कर सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट को इलेक्ट्रॉनिक्स पल्स ग्रुप में ट्रांसमिट करता है जैसा कि ऑटोमेटिक टेलर मशीन करता है तो हमें पिन नंबर डालना होता है उसके लिए इनपुट इकाई के रूप में keypad का उपयोग किया जाता है

    2. सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट-
    इसे प्रोसेसर भी कहते हैं इलेक्ट्रॉनिक मैक्रोस चीप है जो डाटा को इंफॉर्मेशन में बदलते हुए कोशिश करता है इसे कंप्यूटर का ब्रेन कहा जाता है यह कंप्यूटर सिस्टम के सारे कार्य को नियंत्रित करता है तथा इनपुट का आउटपुट में बदलता है यह इनपुट यूनिट आउटपुट यूनिट से मिलकर पूरा कंप्यूटर सिस्टम बनाता है|

    (a ) Arithmetic logic unit-
    इसका उपयोग अंकगणितीय कथाकार तार्किक गणना में होता है अंग्रेजी घटना के अंतर्गत + - गुणा भाग इत्यादि तथा दर की गणना के अंतर्गत जैसे ग्रेटर देन स्मॉलर देन इस कॉल टू यस नो इत्यादि आते हैं|

    (b ) Control unit-
    कंप्यूटर के सारे कार्य को नियंत्रित करता है तथा कंप्यूटर के सारे भाग जैसे इनपुट आउटपुट डिवाइसेज प्रोसेसर इत्यादि के सारे गतिविधियों के बीच ताजमहल बैठता है|

    (c ) मेमोरी यूनिट-
    यह डाटा तथा में देशों के संग्रह करने में प्रयुक्त होता है या इसे मुक्ता दो प्राइमरी तथा सेकेंडरी मेमोरी में जल प्रवाहित करते हैं जब कंप्यूटर का सिल जाता है अर्थात वर्तमान में उपयोग हो रहा है डाटा तथा निर्देशों का संग्रह प्राइमरी मेमोरी में रजिस्टर होता है सेकेंडरी मेमोरी का उपयोग बाद में होने वाले डाटा तथा निर्देशों को संग्रहित करने में होता है|

    3. Output unit-
    वैसी इकाई जो सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट से डाटा लेकर उसे user  को समझने योग्य बनाता है जैसा कि हम सुपरमार्केट में बिजली का बिल  अदा करते हैं तो हमें रसीद प्राप्त होता है जो एक आउटपुट के रूप है यह आउटपुट उपकरण डिवाइस प्रिंटर से प्राप्त होता है|